रुधिर विज्ञान
परिचय
हेमेटोलॉजी, बोन मैरोट्रांसप्लांटेशन एवंसेल्युलर थेरेपी विभागदेश के सबसेपुराने विभागों मेंसे एक है, जो रक्त संबंधीरोगों के निदानएवं उपचार केलिए समर्पित है।विभाग में ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, एप्लास्टिक एनीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेलरोग, थैलेसीमिया तथाअन्य सौम्य एवंघातक रक्त विकारोंका उपचार कियाजाता है। यहदिल्ली-एनसीआर काएकमात्र सीएचएस (CHS) अस्पतालहै, जो पिछलेतीन दशकों सेअधिक समय सेइस क्षेत्र मेंसेवाएँ प्रदान कररहा है।
विभाग आधुनिक निदान, उपचार तथा सहायकदेखभाल (Supportive Care) की व्यापकसुविधाएँ उपलब्ध कराताहै और रोगी-केंद्रित एवं संवेदनशीलउपचार पद्धति अपनाताहै। विभाग मेंएक समर्पित हेमेटोपैथोलॉजी प्रयोगशाला भीहै, जहाँ उन्नतजाँच सुविधाएँ उपलब्धहैं।
विभाग में ऑटोलॉगस (Autologous) तथा एलोजेनिक (Allogeneic) बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशनके साथ-साथउन्नत सेल्युलर थेरेपीकी सुविधाएँ भीउपलब्ध हैं। यहसरकारी क्षेत्र काएम्स (AIIMS) के अतिरिक्तएकमात्र अस्पतालहै, जहाँ येसेवाएँ निजी अस्पतालोंकी तुलना मेंबहुत कम लागतपर आर्थिक रूपसे कमजोर एवंजरूरतमंद रोगियों कोप्रदान की जातीहैं।
नवाचार, करुणामय सेवाऔर सतत् शिक्षाके प्रति प्रतिबद्धयह विभाग भावीहेमेटोलॉजिस्ट तैयारकरने हेतु DrNB क्लिनिकल हेमेटोलॉजीप्रशिक्षण कार्यक्रम संचालितकरता है तथाअनेक बहु-केंद्रीय (Multicentric) अनुसंधान अध्ययनोंमें सक्रिय रूपसे भाग लेताहै।
स्थान
हेमेटोलॉजी, बोन मैरोट्रांसप्लांटेशन एवंसेल्युलर थेरेपी विभागहेमेटोलॉजी एवंमेडिकल ऑन्कोलॉजीब्लॉक (HMOB) (पूर्व में SIC केनाम से जानाजाता था) मेंस्थित है।
विभाग की विभिन्नइकाइयाँ निम्न स्थानोंपर स्थित हैं:
ओपीडी (बाह्यरोगी विभाग): भूतल (Ground Floor)
फ्लेबोटोमी सेवाएँ: भूतल
डे केयरयूनिट:प्रथम तल
वार्ड 36 (भर्तीरोगी सेवाएँ): छठी मंजिल
बोन मैरोट्रांसप्लांट (BMT) वार्ड: SSB, तृतीय तल
नया BMT एवंसेल्युलर थेरेपीयूनिट: HMOB, द्वितीय तल (निर्माणाधीन)
हेमेटोपैथोलॉजी प्रयोगशाला: H-ब्लॉकएक्सटेंशन, प्रथम तल (भविष्य में HMOB केबेसमेंट में स्थानांतरितकी जाएगी)
आधारभूत संरचना
डे केयर यूनिट
कुल बिस्तर: 13
वार्ड 36
कुल बिस्तर: 20
बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) यूनिट
वर्तमान बिस्तर: 3
निर्माणाधीन नईइकाई में इसेबढ़ाकर 8 बिस्तरों काकिया जा रहाहै।
सेवाएँ
बाह्य रोगी (OPD) सेवाएँ
दिन | सेवा | पंजीकरण समय |
सोमवार एवं गुरुवार | सभी नए एवंफॉलो-अप रोगियोंके लिए ओपीडी | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
मंगलवार | क्रॉनिक मायलॉयड ल्यूकेमिया (CML) ओपीडी | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
प्रत्येक माह काप्रथम बुधवार | सर्वाइवर ओपीडी – दीर्घकालिकरक्त कैंसर सेस्वस्थ हुए रोगियोंके समग्र फॉलो-अप एवं देखभालहेतु | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
शुक्रवार | बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) ओपीडी – प्रत्यारोपण सेपहले एवं बादकी जाँच एवंनिगरानी | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
डे केयर सेवाएँ
समय: प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक
डे केयर यूनिटमें निम्न सेवाएँउपलब्ध हैं:
कीमोथेरेपी काप्रशासन
रक्त एवंरक्त अवयवों कासंक्रमण (Blood Component Transfusion)
सहायक चिकित्सा (Supportive Care)
हेमेटोलॉजी संबंधीप्रक्रियाएँ, जैसे:
बोन मैरोएस्पिरेशन एवं बायोप्सी
लम्बर पंचर
इंट्राथीकल कीमोथेरेपी
PICC लाइन का प्रत्यारोपण
भर्ती रोगी (Inpatient) सेवाएँ
विभाग 24×7 व्यापक भर्तीरोगी सेवाएँ प्रदानकरता है, जिनमेंशामिल हैं:
ल्यूकेमिया, लिम्फोमाएवं अन्य रक्तसंबंधी रोगों कानिदान एवं मूल्यांकन
सौम्य एवंघातक रक्त विकारोंका गहन चिकित्सीयप्रबंधन
रोगियों कीसतत निगरानी
रक्त संक्रमणसहित समग्र सहायकचिकित्सा
बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) यूनिट
BMT यूनिटमें ऑटोलॉगस एवंएलोजेनिक हेमाटोपोएटिकस्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशनकराने वाले रोगियोंको व्यापक देखभालप्रदान की जातीहै। इसमें शामिलहैं:
प्रत्यारोपण पूर्वमूल्यांकन
कंडीशनिंग थेरेपी
स्टेम सेलइन्फ्यूजन
संक्रमण कीरोकथाम एवं नियंत्रण
प्रत्यारोपण सेसंबंधित जटिलताओं काउपचार एवं प्रबंधन
इसके अतिरिक्त, विभागमें CAR-T थेरेपी तथाअन्य उन्नत सेल्युलरथेरेपी की सुविधाएँभी उपलब्ध हैं।
नैदानिक प्रक्रियाएँ
हीमेटोलॉजी विभाग निम्नलिखितविशेषीकृत नैदानिक जाँचएवं प्रक्रियाएँ करताहै:
बोन मैरोएस्पिरेशन एवं बायोप्सी
फ्लो साइटोमेट्री
कोएगुलेशन (रक्तके थक्के बनने) संबंधी जाँच
आणविक (मॉलिक्यूलर) परीक्षण सहित विशेषीकृतहीमेटोपैथोलॉजी जाँच
रक्त संबंधीरोगों के सटीकनिदान, रोग केपूर्वानुमान (प्रोग्नोसिस), उपचारयोजना तथा रोगकी निगरानी हेतुउन्नत नैदानिक परीक्षण
हीमेटोपैथोलॉजी संकाय
नाम | पद |
डॉ. जे. एम. खुंगर | सलाहकार, प्रोफेसर एवंपूर्व विभागाध्यक्ष |
डॉ. मोनिका शर्मा | सलाहकार, प्रोफेसर एवंपूर्व विभागाध्यक्ष |
क्लिनिकल संकाय
नाम | पद |
डॉ. सुमिता चौधरी | सलाहकार, प्रोफेसर एवंविभागाध्यक्ष |
डॉ. अंकुर जैन | एसोसिएट प्रोफेसर |
डॉ. अदिति जैन | एसोसिएट प्रोफेसर |
डॉ. नूपुर पराख | सीएमओ (एनएफएसजी) |
डॉ. मनीष वर्मा | एसएमओ |
सेवाएँ
बाह्य रोगी (OPD) सेवाएँ
दिन | सेवा | पंजीकरण समय |
सोमवार एवं गुरुवार | सभी नए एवंफॉलो-अप रोगियोंके लिए ओपीडी | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
मंगलवार | क्रॉनिक मायलॉयड ल्यूकेमिया (CML) ओपीडी | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
प्रत्येक माह काप्रथम बुधवार | सर्वाइवर ओपीडी – दीर्घकालिकरक्त कैंसर सेस्वस्थ हुए रोगियोंके समग्र फॉलो-अप एवं देखभालहेतु | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
शुक्रवार | बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) ओपीडी – प्रत्यारोपण सेपहले एवं बादकी जाँच एवंनिगरानी | प्रातः 9:00–11:30 बजे |
डे केयर सेवाएँ
समय: प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक
डे केयर यूनिटमें निम्न सेवाएँउपलब्ध हैं:
कीमोथेरेपी काप्रशासन
रक्त एवंरक्त अवयवों कासंक्रमण (Blood Component Transfusion)
सहायक चिकित्सा (Supportive Care)
हेमेटोलॉजी संबंधीप्रक्रियाएँ, जैसे:
बोन मैरोएस्पिरेशन एवं बायोप्सी
लम्बर पंचर
इंट्राथीकल कीमोथेरेपी
PICC लाइन का प्रत्यारोपण
भर्ती रोगी (Inpatient) सेवाएँ
विभाग 24×7 व्यापक भर्तीरोगी सेवाएँ प्रदानकरता है, जिनमेंशामिल हैं:
ल्यूकेमिया, लिम्फोमाएवं अन्य रक्तसंबंधी रोगों कानिदान एवं मूल्यांकन
सौम्य एवंघातक रक्त विकारोंका गहन चिकित्सीयप्रबंधन
रोगियों कीसतत निगरानी
रक्त संक्रमणसहित समग्र सहायकचिकित्सा
बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) यूनिट
BMT यूनिटमें ऑटोलॉगस एवंएलोजेनिक हेमाटोपोएटिकस्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशनकराने वाले रोगियोंको व्यापक देखभालप्रदान की जातीहै। इसमें शामिलहैं:
प्रत्यारोपण पूर्वमूल्यांकन
कंडीशनिंग थेरेपी
स्टेम सेलइन्फ्यूजन
संक्रमण कीरोकथाम एवं नियंत्रण
प्रत्यारोपण सेसंबंधित जटिलताओं काउपचार एवं प्रबंधन
इसके अतिरिक्त, विभागमें CAR-T थेरेपी तथाअन्य उन्नत सेल्युलरथेरेपी की सुविधाएँभी उपलब्ध हैं।
नैदानिक प्रक्रियाएँ
हीमेटोलॉजी विभाग निम्नलिखितविशेषीकृत नैदानिक जाँचएवं प्रक्रियाएँ करताहै:
बोन मैरोएस्पिरेशन एवं बायोप्सी
फ्लो साइटोमेट्री
कोएगुलेशन (रक्तके थक्के बनने) संबंधी जाँच
आणविक (मॉलिक्यूलर) परीक्षण सहित विशेषीकृतहीमेटोपैथोलॉजी जाँच
रक्त संबंधीरोगों के सटीकनिदान, रोग केपूर्वानुमान (प्रोग्नोसिस), उपचारयोजना तथा रोगकी निगरानी हेतुउन्नत नैदानिक परीक्षण
चल रहे अनुसंधानएवं क्लिनिकल ट्रायल
क्र.सं. | परियोजना का शीर्षक | प्रमुख अन्वेषक | वित्तपोषण एजेंसी | परियोजना राशि | वर्ष 2024–25 में प्राप्तनिधि |
1 | एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ISCALL: ICiCLE कार्यान्वयन अध्ययन) में जीवित रहनेकी दर मेंसुधार | डॉ. सुमिता चौधरी (प्रधान अन्वेषक) | आईसीएमआर | ₹20 करोड़ | ₹19,40,314 |
2 | ल्यूकेमिया ट्रांसक्रिप्ट्स कीस्क्रीनिंग एवं पूर्वानुमानहेतु नवीन ड्राइडब्लड स्पॉट (DBS) आधारिततकनीक के सत्यापनका यादृच्छिक नियंत्रितनैदानिक अध्ययन | डॉ. सुमिता चौधरी (प्रधान अन्वेषक) | आईसीएमआर | ₹5 करोड़ | विभाग हेतु स्टाफउपलब्ध; वेतन आईसीएमआरद्वारा |
3 | दवा-प्रतिरोधी (कीमो-प्रतिरोधी) एक्यूट लिम्फॉयडल्यूकेमिया में PI3K/Akt/mTOR मार्ग के चयनात्मकअवरोधन एवं पाथवेविश्लेषण द्वारा ऑन्को-प्रोटीओम प्रोफाइलिंग | डॉ. सुमिता चौधरी (सह-प्रधान अन्वेषक) | आईसीएमआर | ₹29.95 लाख | निधि प्रबंधन NIP द्वारा |
4 | टी-सेल ALL में PI3K/Akt/mTOR मार्ग केनियामकों एवं ट्रिपलइन्हिबिटर्स केप्रति संवेदनशीलता काअध्ययन कर नवीनसहक्रियात्मक अवरोधकोंकी पहचान | डॉ. सुमिता चौधरी (सह-प्रधान अन्वेषक) | आईसीएमआर | ₹30.5 लाख | निधि प्रबंधन NIP द्वारा |
5 | BCR-ABL-1 पॉज़िटिवकैंसरों में गहनआणविक प्रतिक्रिया कीनिगरानी हेतु ड्रॉपलेटडिजिटल PCR के प्रदर्शनका मूल्यांकन | डॉ. सुमिता चौधरी (सह-प्रधान अन्वेषक) | आईसीएमआर–NIP | ₹10 लाख | निधि प्रबंधन NIP द्वारा |
चल रहे अनुसंधानएवं क्लिनिकल ट्रायल (Ongoing Research & Clinical Trials)
डॉ. सुमिता चौधरी
एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ISCALL) में जीवित रहनेकी दर बढ़ानेहेतु ICiCLE कार्यान्वयन अध्ययन
प्रमुख अन्वेषक (PI): डॉ. सुमिता चौधरी
वित्तपोषण: भारतीयआयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)
कुल परियोजनाराशि: ₹20 करोड़
वर्ष 2024–25 मेंप्राप्त राशि: ₹19,40,314
ल्यूकेमिया ट्रांसक्रिप्ट की जाँचएवं पूर्वानुमान केलिए नवीन Dried Blood Spot (DBS) आधारित तकनीकका यादृच्छिक नियंत्रितअध्ययन
PI: डॉ. सुमिता चौधरी
वित्तपोषण: ICMR
कुल परियोजनाराशि: ₹5 करोड़
वर्ष 2024–25: विभागहेतु स्टाफ उपलब्ध; वेतन ICMR द्वारा वहन
दवा-प्रतिरोधीएक्यूट लिम्फॉयडल्यूकेमिया में PI3K/Akt/mTOR मार्ग काऑन्को-प्रोटीओम प्रोफाइलिंगएवं चयनात्मक अवरोधन
सह-अन्वेषक (Co-PI): डॉ. सुमिता चौधरी
वित्तपोषण: ICMR
कुल राशि: ₹29.95 लाख
निधि प्रबंधन: NIP
टी-सेल ALL में PI3K/Akt/mTOR मार्गके नियामकों एवंट्रिपल इनहिबिटर्सकी संवेदनशीलता काअध्ययन
Co-PI: डॉ. सुमिता चौधरी
वित्तपोषण: ICMR
कुल राशि: ₹30.5 लाख
निधि प्रबंधन: NIP
BCR-ABL-1 पॉजिटिव रक्तकैंसरों मेंडीप मॉलिक्यूलर रिस्पॉन्सकी निगरानी हेतु Droplet Digital PCR का प्रदर्शनमूल्यांकन
Co-PI: डॉ. सुमिता चौधरी
वित्तपोषण: ICMR–NIP
कुल राशि: ₹10 लाख
निधि प्रबंधन: NIP
डॉ. अंकुर जैन
नव-निदानित CML रोगियों मेंइमैटिनिब काहार्मोन प्रोफाइलपर प्रभाव
प्रमुख अन्वेषक (PI): डॉ. अंकुर जैन
वित्तपोषण: ICMR
ऑटोइम्यून हीमोलाइटिकएनीमिया (AIHA) में तृतीय-पंक्तिउपचार के रूपमें साप्ताहिक बोर्टेज़ोमिबएवं डेक्सामेथासोन कीप्रभावशीलता एवंसुरक्षा
PI: डॉ. अंकुर जैन
वित्तपोषण: ICMR
विभागीय प्रकाशन (पिछले 2 वर्ष)
जैन ए. मेडिकल जेपर्डीक्विज़: संक्रमणऔर कैंसर। American Journal of Medicine, 2024.
सिंह ए., जैन ए. एवंसहयोगी. भारत मेंएक्यूट मायलॉयडल्यूकेमिया (AML) देखभाल केप्रतिमान मेंबदलाव। Lancet Haematology, 2024.
जैन ए. क्या चिकित्सकों औरनर्सों कोरोगी के बिस्तरपर बैठना चाहिए – इस विषय परटिप्पणी। American Journal of Medicine, 2024.
खान यू. एवं सहयोगी. वाल्डेनस्ट्रॉम मैक्रोग्लोबुलिनेमिया मेंप्लाज़्माफेरेसिस कीप्रभावशीलता बढ़ाना: सर्किट क्लॉटिंगकी चुनौतियों परअध्ययन। Seminars in Dialysis, 2024.
जॉर्ज एन.जी. एवं सहयोगी. एक्यूट मायलॉयडएवं एक्यूट लिम्फॉयडल्यूकेमिया मेंसेल-फ्री डीएनएद्वारा प्रारंभिकरोग-पूर्वानुमान। Frontiers in Molecular Biosciences, 2024.
शंकर जी. एवं सहयोगी. इमैटिनिबमेसिलेट सेक्रॉनिक मायलॉयडल्यूकेमिया रोगियोंमें संभावित हृदयविकार। Indian Journal of Hematology and Blood Transfusion, 2024.
वात्सायन आर. एवं सहयोगी. अर्जितएप्लास्टिक एनीमियामें असामान्य साइटोकाइनप्रोफाइल एवंउपचार प्रतिक्रिया। Blood Cells, Molecules and Diseases, 2024.
जैन ए. एवं सहयोगी. वार्मऑटोइम्यून हीमोलिटिकएनीमिया मेंतृतीय-पंक्ति उपचारके रूप मेंसाप्ताहिक बोर्टेज़ोमिब-डेक्सामेथासोन कीप्रभावशीलता एवंसुरक्षा। Indian Journal of Hematology and Blood Transfusion, 2025.
कुमार एल. एवं सहयोगी. लिम्फोमारोगियों मेंडॉक्सोरूबिसिन-जनितकार्डियोटॉक्सिसिटी कीघटना, जोखिम कारकएवं प्रारंभिक पूर्वानुमान।Clinical Lymphoma, Myeloma & Leukemia, 2025.
जैन ए. मेडिकल जेपर्डीक्विज़: औषधीयपौधे। American Journal of Medicine, 2024.
जैन ए. एक्स्ट्रानोडल एनके/टी-सेल लिम्फोमा (नैज़ल प्रकार)।Turkish Journal of Haematology, 2025.
जैन ए. एवं सहयोगी. आईजीएममायलोमा काएक असामान्य प्रस्तुतीकरण।Journal of Association of Physicians of India, 2025.
जैन ए. एसेंशियल थ्रोम्बोसाइथीमिया के कारणगंभीर रीनोवैस्कुलर उच्चरक्तचाप वालीयुवा महिला – केसरिपोर्ट। Journal of Hypertension, 2025.
गुर्जर एच. एवं सहयोगी. डैनाज़ोलका अर्जित एप्लास्टिकएनीमिया रोगियोंके कार्डियोमेटाबोलिक प्रोफाइलपर प्रभाव। Blood Cells, Molecules and Diseases, 2025.
साहू एम. एवं सहयोगी. सीएमएलरोगियों में TNF-α एवं IL-6 स्तरों कामूल्यांकन औरप्रारंभिक आणविकप्रतिक्रिया सेसंबंध। Indian Journal of Hematology and Blood Transfusion, 2025.
गुप्ता एन. एवं सहयोगी. हीमोफीलियाउपचार में टिश्यूफैक्टर पाथवेइन्हिबिटर केअवरोधन परआधारित नईचिकित्सीय रणनीतियाँ।Journal of Association of Physicians of India, 2025.
जैन ए. एवं सहयोगी. एकबच्चे में पलकका मायलॉयड सारकोमा – एक्यूट मायलॉयडल्यूकेमिया कीपुनरावृत्ति कासंकेत। Indian Journal of Cancer, 2025.
जैन ए. एएल एमिलॉयडोसिस मेंरैकून आइज़ एवंमैक्रोग्लोसिया। QJM, 2026.
जैन ए. हथेली एवं तलवोंके वर्णक परिवर्तनसे निदान हुईसीलिएक रोग।American Journal of Medicine, 2026.
जैन ए. गर्भावस्था मेंबिना एनीमिया वालीआयरन की कमीके अधिक न्यायसंगतउपचार पर टिप्पणी।Lancet Haematology, 2026.
जैन ए. डी-नोवो TINF2 म्यूटेशन केकारण डिस्केराटोसिस कॉन्जेनिटा।QJM, 2026.
जैन ए. एवं सहयोगी. p230-सीएमएल मेंइमैटिनिब केसाथ कम अनुकूलपरिणाम: दोमामलों एवंव्यवस्थित समीक्षाकी रिपोर्ट। Indian Journal of Hematology and Blood Transfusion, 2026.
जैन ए., मगून आर. सिकलसेल संकट मेंप्रारंभिक घरेलूऑक्सीजन थेरेपीपर टिप्पणी। Medical Hypotheses, 2026.
जैन ए. सीलिएक रोगका हथेली एवंतलवों की त्वचाके कालेपन (Palmoplantar Pigmentation) के माध्यम सेनिदान। American Journal of Medicine. 3 अप्रैल 2026; S0002-9343(26)00267-6।
जैन ए. गर्भावस्था मेंएनीमिया रहितआयरन की कमी (Non-anaemic Iron Deficiency) के उपचारपर टिप्पणी। Lancet Haematology. मार्च 2026;13(3):e126-e127।
जैन ए. नवीन (de novo) TINF2 जीनउत्परिवर्तन केकारण होने वालेडिस्केराटोसिस कॉन्जेनिटाका केस। QJM. 25 फ़रवरी 2026; hcag063।
जैन ए., चौधरी एस., शर्माएम., खुंगर जे.एम. p230-सीएमएल मेंइमैटिनिब उपचारके अपेक्षाकृत कमजोरपरिणाम: दोमामलों कीरिपोर्ट एवंप्रणालीबद्ध समीक्षा।Indian Journal of Hematology and Blood Transfusion. मई 2026;42(3):1044-1048।
जैन ए., मगून आर. सिकलसेल संकट मेंप्रारंभिक घरेलूऑक्सीजन थेरेपीपर प्रकाशित लेखपर टिप्पणी। Medical Hypotheses. 2026;210:111940।
प्रमुख कार्यक्रमएवं सहभागिता (Events)
23 मई 2026 को ISHBT के तत्वावधान में"क्वालिटी एश्योरेंसइन फ्लो साइटोमेट्री" सम्मेलनका सफल आयोजन।डॉ. मोनिका शर्माअध्यक्ष एवं आयोजनसचिव रहीं।
23 मई 2026 को एस.जे.एच. केहीमैटोलॉजी विभाग द्वाराआयोजित CME में क्वालिटीएश्योरेंस इनफ्लो साइटोमेट्री विषयपर डॉ. सुमिताचौधरी एवं डॉ. अंकुर जैन पैनलिस्टरहे।
राष्ट्रीय हीमोफीलियाकॉन्क्लेव (मई 2026) मेंडॉ. सुमिता चौधरीएवं डॉ. अंकुरजैन ने पैनलिस्टएवं सह-अध्यक्षके रूप मेंसहभागिता की।
5 जून 2026 को PGICH, नोएडामें आयोजित सम्मेलनमें "बेहतर परिणामोंहेतु हीमोफीलिया देखभालमें नवाचार" विषय परडॉ. सुमिता चौधरीने विशेषज्ञ व्याख्यानदिया।
30 मई 2026 को दूरदर्शनकिसान के लाइवकार्यक्रम में डॉ. सुमिता चौधरी नेथैलेसीमिया विषयपर विशेषज्ञ केरूप में सहभागिताकी।
ICMR-INTENT द्वारा आयोजित छहदिवसीय Clinical Research Intensive Training Workshop (27–29 अप्रैल एवं 27–29 मई 2026) में डॉ. सुमिताचौधरी एवं डॉ. अदिति जैन नेभाग लिया।
2026 में भोपाल मेंआयोजित Heme Connect कार्यक्रममें डॉ. अदितिजैन पैनलिस्ट रहीं।
मई 2026 मेंRevisiting Haematology 3.0 कार्यक्रम मेंडॉ. अंकुर जैनपैनलिस्ट रहे।
23 मई 2026 को आयोजितवर्चुअल बैठक Hematology Insights 1.0 में डॉ. अंकुरजैन ने विशेषज्ञव्याख्यान दिया।
12 जुलाई 2026 को आयोजितEHA Highlights कार्यक्रम मेंडॉ. अंकुर जैनपैनलिस्ट रहे।
शैक्षणिक गतिविधियाँ (Academic Activities)
विभाग द्वारा नियमितरूप से निम्नलिखितशैक्षणिक कार्यक्रम संचालितकिए जाते हैं—
डॉ.एन.बी. (Clinical Hematology) प्रशिक्षणकार्यक्रम।
डॉ.एन.बी. रेज़िडेंट्स केलिए संरचित शिक्षणएवं प्रशिक्षण।
नियमित शैक्षणिकव्याख्यान, सेमिनार, जर्नलक्लब एवं केसचर्चा।
सतत चिकित्साशिक्षा (CME) कार्यक्रम एवंकार्यशालाएँ।
शैक्षणिक गतिविधियाँ (Academic Activities)
विभाग द्वारा नियमितरूप से निम्नलिखितशैक्षणिक कार्यक्रम संचालितकिए जाते हैं—
डॉ.एन.बी. (Clinical Hematology) प्रशिक्षणकार्यक्रम।
डॉ.एन.बी. रेज़िडेंट्स केलिए संरचित शिक्षणएवं प्रशिक्षण।
नियमित शैक्षणिकव्याख्यान, सेमिनार, जर्नलक्लब एवं केसचर्चा।
सतत चिकित्साशिक्षा (CME) कार्यक्रम एवंकार्यशालाएँ।
उपलब्धियाँ एवंसम्मान (Achievements & Awards)
रोगियों कोनिर्बाध एवं गुणवत्तापूर्णसेवाएँ उपलब्ध करानेके उद्देश्य सेहीमैटोलॉजी डे-केयर सेवाओं कासमय सुबह 8 बजेसे रात 8 बजेतक सफलतापूर्वक विस्तारितकिया गया, जिससेविभागीय कार्यक्षमता मेंभी उल्लेखनीय वृद्धिहुई।
विभाग द्वाराअब तक 21 बोन मैरो प्रत्यारोपण (Bone Marrow Transplant)सफलतापूर्वक किए जाचुके हैं, जिनमेंऑटोलॉगस एवंएलोजेनिक दोनों प्रकारके प्रत्यारोपण शामिलहैं।
जटिल रक्तरोगों के उपचारहेतु उन्नत सेलुलरथेरेपी सेवाओंकी स्थापना कीगई।
विभागीय संकायसदस्यों को राष्ट्रीयएवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनोंमें विशेष व्याख्यान, सत्र अध्यक्षता एवंपैनल चर्चा हेतुनियमित रूप सेआमंत्रित किया जाताहै।
विभागीय संकायद्वारा अनेक पुस्तकअध्याय एवंशोध-पत्र प्रकाशितकिए गए हैं।
विभाग उत्कृष्टरोगी-सेवा, चिकित्साशिक्षा, अनुसंधान तथासामुदायिक सहभागिता केमाध्यम से हीमैटोलॉजीके क्षेत्र मेंनिरंतर योगदान देनेके लिए प्रतिबद्धहै।
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पृष्ठ की अंतिम अद्यतन तिथि:21-07-2026 02:52 PM



